क्या ईरान पर परमाणु बम गिराएंगे? ट्रंप ने दिया ये जवाब, बोले- ईरान के पास वक्त बहुत कम

क्या ईरान पर परमाणु बम गिराएंगे? ट्रंप ने दिया ये जवाब, बोले- ईरान के पास वक्त बहुत कम

US President Donald Trump

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वॉशिंगटन: US President Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के खिला जंग में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि ऐसे हथियारों का इस्तेमाल कभी किसी को नहीं करना चाहिए. गुरुवार (स्थानीय समय) को व्हाइट हाउस में जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेंगे, तो ट्रंप ने कहा, "ऐसा बेवकूफी भरा सवाल क्यों पूछा जाएगा?... नहीं, मैं इसका इस्तेमाल नहीं करूंगा. किसी को भी परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने की इजाजत कभी नहीं दी जानी चाहिए."

इसके अलावा, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत है और तेल की सप्लाई भी काफी है. उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को रोकने की कोशिशों के बीच, कई जहाज अब होर्मुज स्ट्रेट के बजाय अमेरिका की ओर जा रहे हैं.

उन्होंने कहा, "... हमारी अर्थव्यस्था जबरदस्त है... मैंने जेडी वेंस, मार्को रुबियो, हावर्ड लटनिक (Howard Lutnick) और स्कॉट बेसेंट को फोन किया और उनसे कहा कि मुझे आपको यह बताते हुए दुख हो रहा है, लेकिन हमें थोड़ा रास्ता बदलना होगा. हमें ईरान जाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास परमाणु हथियार न हों... बहुत सारे जहाज अमेरिका आ रहे हैं, और वे होर्मुज स्ट्रेट के बजाय अमेरिका का इस्तेमाल कर रहे हैं... हमारे पास तेल की कमी नहीं है... अभी सऊदी अरब और रूस मिलाकर जितना तेल बना रहे हैं, हम उससे ज्यादा बना रहे हैं... हम वेनेजुएला से लाखों बैरल तेल ले रहे हैं."

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर "पूरा नियंत्रण" है और वह ईरान पर डील के लिए दबाव बनाने के लिए जानबूझकर इसे बंद रखे हुए है. उन्होंने यह भी कहा कि वह एक पक्का एग्रीमेंट चाहते हैं और काफी प्रगति का दावा करने के बावजूद इस प्रक्रिया में जल्दबाजी नहीं करेंगे.

ट्रंप ने आगे कहा, "... मैंने उन्हें ब्रेक दिया. मैं सबसे अच्छी डील करना चाहता हूं. मैं अभी डील कर सकता हूं. क्या आपको पता है कि अगर मैं अभी चला जाता, तो हमें जबरदस्त सफलता मिलती. उन्हें इसे फिर से बनाने में 20 साल लग जाते, लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहता।. मैं चाहता हूं कि यह हमेशा रहे... मैं जो कर रहा हूं, मैं आपको यह नहीं बता सकता. मैं इस पर उस तरह का टाइमटेबल नहीं लगाना चाहता, लेकिन यह बहुत जल्दी हो जाएगा. हम स्ट्रेट को खोल देंगे. अभी, हमने इसे बंद कर दिया है. स्ट्रेट पर हमारा पूरा नियंत्रण है."

उन्होंने कहा, "वे इसे 3 दिन पहले ही खोल देते. वे हमारे पास आए और उन्होंने कहा, 'हम स्ट्रेट खोलने के लिए मान जाएंगे.' मेरे अलावा मेरे सभी लोग खुश थे. मैंने कहा, 'एक मिनट, अगर हम स्ट्रेट खोलते हैं, तो इसका मतलब है कि वे हर दिन $500 मिलियन कमाएंगे.' मैं नहीं चाहता कि वे इस मामले को सुलझाने तक हर दिन $500 मिलियन कमाएं. इसलिए मैंने ही इसे बंद रखा है. इस पर हमारा पूरा नियंत्रण है. यह तब खुलेगा जब वे कोई डील करेंगे या कुछ और बहुत पॉजिटिव होगा."

ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध खत्म करने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं है, उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने पहले ही अपने ज्यादातर लक्ष्य पर हमला कर दिया है और ईरान अपनी तेल की हालत की वजह से बहुत अधिक दबाव का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा कि अगर डील नहीं होती है तो आगे मिलिट्री एक्शन एक विकल्प है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका के अनुरोध पर ईरान कई महिलाओं की फांसी रोकने पर सहमत हो गया है.

ट्रंप ने कहा, "...वियतनाम कितने साल का था?... मैंने पहले 4 हफ्तों में ही देश को मिलिट्री से खत्म कर दिया. अब हम आराम से बैठकर देख रहे हैं कि क्या डील होती है. अगर वे डील नहीं करना चाहते, तो मैं बचे 25% टारगेट को मिलिट्री से खत्म कर दूंगा. हमने 78% टारगेट पूरे कर लिए हैं जिन्हें हम पूरा करना चाहते थे... हमने जो किया है वह कमाल का है... आप जानते हैं कि समय का दबाव किस पर है? उन पर है. अगर वे अपना तेल नहीं निकालते हैं, तो उनका पूरा ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर फट जाएगा क्योंकि उनके पास इसे स्टोर करने की कोई जगह नहीं है."

उन्होंने कहा, "मुझ पर कोई दबाव नहीं है... हमारे शिप युद्ध के लिए तैयार हैं, और वे जाने के लिए तैयार हैं... वे अभी बहुत अस्त-व्यस्त हैं... कल दोपहर 6 बजे 8 जवान लड़कियों को फांसी दी जाने वाली थी. मैंने उनसे कहा, इसे मेहरबानी कहो या सिर्फ एक नैतिक अनुरोध, कि उन्हें फांसी न दी जाए. वे जवाब लेकर आए कि वे उन्हें फांसी नहीं देंगे... वे उनमें से 4 को बहुत जल्द रिहा कर रहे हैं, और वे उनमें से 4 को एक महीने के लिए जेल में रखेंगे और फिर उन्हें रिहा कर देंगे. इसलिए उन्हें फांसी नहीं दी जाएगी."

जब पूछा गया कि क्या ईरान को हिजबुल्लाह को दी जाने वाली फंडिंग बंद करनी होगी, तो ट्रंप ने कहा, "हां, उन्हें यह बंद करना होगा. यह बहुत जरूरी है."